यूपी बोर्ड कक्षा 10 हिंदी अर्धवार्षिक परीक्षा मॉडल पेपर 2023 – Up Board Class 10th Hindi Half Yearly Model Paper 2023, यूपी बोर्ड नए पैटर्न पर आधारित मॉडल पेपर
इस पोस्ट में मैंने कक्षा दसवीं हिंदी का यूपी बोर्ड अर्धवार्षिक परीक्षा मॉडल पेपर(Up Board Class 10 Hindi Half Yearly Model Paper) बताया गया है | यह मॉडल पेपर यूपी बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए पैटर्न पर आधारित है जिसमें 20 बहुविकल्पी प्रश्न दिए गए हैं और साथ ही 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न दिए गए हैं यदि यह आप कक्षा दसवीं हिंदी अर्धवार्षिक परीक्षा पेपर(Class 10th Hindi Half Yearly Paper) को तैयार कर लेते तो यूपी बोर्ड अर्धवार्षिक परीक्षा पेपर कक्षा दसवीं(Up Board Hindi Half Yearly Paper) में हिंदी के पेपर में यही से आ सकता है इसलिए आप एक बार इस यूपी बोर्ड कक्षा दसवीं हिंदी अर्धवार्षिक परीक्षा मॉडल पेपर(Up Board Class 10 Hindi Half Yearly Model Paper) को जरूर पढ़ें |
यूपी बोर्ड कक्षा 10 हिंदी अर्धवार्षिक परीक्षा मॉडल पेपर 2023
समय : 3 घंटे 15 मिनट | पूर्णांक : 70 |
नोट –
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खण्ड ‘अ’
1. उपन्यास ‘भूले-बिसरे चित्र’ के लेखक हैं –
(क) प्रेमचन्द
(ख) भगवतीचरण वर्मा
(ग) यशपाल।
(घ) वृन्दावनलाल वर्मा
2. शुक्लोत्तर युग के प्रमुख कहानीकार है
(क) इलाचन्द्र जोशी
(ख) मोहन राकेश
(ग) विकल्प (क) व (ख) दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
3) ‘सूरज का सातवाँ घोड़ा’ हिन्दी साहित्य की कौन-सी विधा है?
(क) निबन्ध
(ख) उपन्यास
(ग) डायरी
(घ) कविता
4. आधुनिककाल की समय अवधि है
(क) 1850 ई० से 1900 तक
(ख) 1900 ई० से 1920 तक
(ग) 1919 ई० से 1938 तक
(घ) 1843 ई० से वर्तमान तक
5. ‘त्यागपत्र’ किस विधा की रचना है?
(क) जीवनी
(ख) उपन्यास
(ग) नाटक
6. रसखान किस काल की किस शाखा के कवि हैं?
(क) रीतिकाल की कृष्णभक्ति शाखा
(ख) भक्तिकाल की निर्गुण भक्ति शाखा
(ग) भक्तिकाल की सगुण भक्ति शाखा
(घ) इनमें से कोई नहीं
7. छायावादी युग के प्रमुख लेखक हैं
(क) यशपाल
ख) वृन्दावनलाल वर्मा
(ग) रामकुमार वर्मा
(घ) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
8. द्विवेदी युग की कालावधि है—
क) 1850 ई० से 1900 ई० तक
(ख) 1900 ई० से 1918 ई० तक
(ग) 1971 ई० से आज तक
(घ) 1918 ई० से 1936 ई० तक
9. ‘अद्भुत आलाप’ के कवि हैं
(क) महावीरप्रसाद द्विवेदी –
(ग) मैथिलीशरण गुप्त
(ख) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(घ) ‘हरिऔध’
10. ‘यामा’ के रचयिता का नाम लिखिए
(क) सुभद्राकुमारी चौहान
(ख) महादेवी वर्मा
(घ) अशोक वाजपेयी
(ग) मीराबाई
11. विपति बटावन बन्धु बाहु बिनु करों भरोसो का को’ में रस की पहचानकीजिए
(क) रौद्र रस
(ख) शान्त रस
(ग) करुण रस
(घ) हास्य रस
12. ‘हृदय सिन्धु में उठता, स्वर्गिक ज्वार देख चन्द्रानन ।’ पंक्ति में अलंकार है-1
(क) रूपक
(ख) श्लेष
(ग) उत्प्रेक्षा
13. सुनत सुमंगल बैन, मन प्रमोद तन पुलक भर ।सरद सरोरुह नैन, तुलसी भरे सनेह जल ।।इन पंक्तियों के दूसरे और चौथे चरण में कितनी मात्राएँ हैं?
(क) 13-13 मात्राएँ
(ख) 20-20 मात्राएँ
(ग) 11-11 मात्राएँ
(घ) 9-9 मात्राएँ
14. ‘अध्यक्ष’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(क) अभि
(ख) अ
(ग) आ
(घ) अधि
15. ‘हँसाई’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय लगा है ?
(क) ई
(ख) आई
(ग) इ
(घ) साई
16. ‘पंचानन’ का समास-विग्रह है
(क) पाँच सिरों का समाहार
(ख) पाँच पात्रों का समाहार
(ग) पाँच प्रल्लवों का समाहार
(घ) पाँच तत्त्वों का समाहार
17. ‘सुहाग’ शब्द का तत्सम रूप होगा—
(क) स्वामी
(ख) सुहागा
(ग) सौभाग्य
(घ) दुर्भाग्य
18. ‘कर्त्राज्ञा’ का सन्धि-विच्छेद है—
(क) कर्तृ + आज्ञा
ख) कर्त्र + आज्ञा
(ग) कर्ता + आज्ञा
(घ) कर्त्रा + आज्ञा
19. ‘मते:’ रूप है ‘मति’ शब्द का
(क) षष्ठी विभक्ति, एकवचन
(ख) पंचमी विभक्ति एकवचन
(ग) चतुर्थी विभक्ति, द्विवचन
(घ) सप्तमी विभक्ति, बहुवचन
20. ‘हसिष्यथः ‘ रूप है ‘हस्’ धातु का –
(क) लृट् लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन
(ख) लृट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
(ग) लट् लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन
(घ) लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन
खण्ड ‘ब’
21. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक के नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए (3 x 2 = 6)
(क) अश्वारोही पास आया। ममता ने रुक-रुककर कहा – “मैं नहीं जानती कि वह शहंशाह था, या साधारण मुगल; पर एक दिन इसी झोपड़ी के नीचे वह रहा। मैंने सुना था कि वह मेरा घर बनवाने की आज्ञा दे चुका था। मैं आजीवन अपनी झोपड़ी के खोदे जाने के डर से भयभीत रही। भगवान ने सुन लिया, मैं आज इसे छोड़े जाती हैं। तुम इसका मकान बनाओ या महल, मैं अपने चिरविश्राम गृह में जाती हैं।”
(i) प्रस्तुत अवतरण का सन्दर्भ लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए ।
(iii) ‘चिरविश्राम गृह से क्या आशय है ?
(ख) कुसंग का ज्वर सबसे भयानक होता है। यह केवल नीति और सदवृत्ति का ही नाश नहीं करता, बल्कि बुद्धि का भी क्षय करता है। किसी युवा पुरुष की संगति यदि बुरी होगी तो वह उसके पैरों में बँधी चक्की के समान होगी, जो उसे दिन-दिन अवनति के गड्ढे में गिराती जाएगी और यदि अच्छी होगी तो सहारा देने वाली बाहु के समान होगी, जो उसे निरन्तर उन्नति की ओर उठाती जाएगी।
(i) प्रस्तुत अवतरण के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए ।
(ii) युवा पुरुष की संगति के बारे में क्या कहा गया है
22. निम्नलिखित पद्यांशों में से किसी एक के नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए (3 x 2 = 6)
(क) पुर तें निकसी रघुबीर बधू, धरि धीर दए मग में डग द्वै |
झलकीं भरि भाल कनी जल की, पुट सूखि गये मधुराधर वै ।।
फिरि बूझति हैं- “चलनो अब केतिक, पर्णकुटी करिही कित है ?”
तिय की लखि आतुरता पिय की अँखिया अति चारु चलीं जल च्वै ॥
(i) प्रस्तुत पद्यांश की ससंदर्भ हिन्दी में व्याख्या कीजिए तथा काव्य-सौन्दर्य भी स्पष्ट कीजिए।
(ii) किस कारण सीताजी के माथे पर पसीना आ रहा था और होंठ सूख गए थे?
(iii) श्रीराम के नेत्रों से आँसू क्यों बहने लगे
(ख) मेरे जीवन का आज मूक,
तेरी छाया से हो मिलाप;
तन तेरी साधकता छू ले,
मन ले करुणा की थाह नाप !
उर में पावस दूग में विहान !
(i) प्रस्तुत पद्यांश की ससंदर्भ हिन्दी में व्याख्या कीजिए तथा काव्य-सौन्दर्य भी स्पष्ट कीजिए ।
(ii) ” कवयित्री अपने जीवन को हिमालय के समान जीना चाहती हैं।” इस कथन से क्या तात्पर्य है?
(iiii) कवित्रीी ने क्या कामना व्यक्ति की थी
23. (क) निम्नलिखित लेखकों में से किसी एक लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी किसी एक प्रमुख रचना का नाम लिखिए
(i) डॉ राजेंद्र प्रसाद
(ii) जयशंकर प्रसाद
(iii) रामचंद्र शुक्ला
(ख) निम्नलिखित कवियों में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी किसी एक प्रमुख रचना का नाम लिखिए
(i) सूरदास
(ii) सुमित्रानन्दन पंत
(iii) बिहारी लाल
24. (क) निम्नलिखित संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ – सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए (2+3=5)
(1) एषा नगरी भारतीयसंस्कृतेः संस्कृतभाषायाश्च केन्द्रस्थली अस्ति । इत एवं संस्कृतवाङ्मयस्य संस्कृतेश्च आलोकः सर्वत्र प्रसृतः । मुगलयुवराजः दाराशिकोहः अत्रागत्य भारतीय दर्शन शास्त्राणाम् अध्ययनम् अकरोत् स तेषां ज्ञानेन तथा प्रभावितः अभवत् यत् तेन उपनिषदाम् अनुवाद: पारसी भाषायां कारितः ।
(ii) “एकदा बहवः जनाः धूमयानं (रेलगाड़ी) आरुह्य नगरं प्रति गच्छन्ति स्म । तेषु कंचित् ग्रामीणाः केचिच्च नागरिका: आसन्। मौनं स्थितेषु तेषु एकः नागरिकः ग्रामीणान् उपहसन् अकथयत्, “ग्रामीणा अद्यपि पूर्ववत् अशिक्षिता: अज्ञाश्वसन्ति। न तेषां विकासः अभवत् न च भवितुम् संक्रोति।” तस्य तादृशं जल्पनं श्रुत्वा कोऽपि चतुर: ग्रामीणः अब्रवीत्, “भद्र नागरिक। भवान् एव चिञ्चित् ब्रवीतु यतो हि भवान् शिक्षितः बहुज्ञः च अस्ति।”
(ख) निम्नलिखित संस्कृत पद्यांशों में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए (2-3=5)
(i)उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्।
वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः ॥
(ii) यथा सोम्यैकेन नखनिकृन्तनेन सर्वं कार्ष्णायसं विज्ञातं स्याद्वाचारम्भणं विकारो नामधेयं कृष्णायसमित्येव सत्यमेव सोम्य स आदेशो भवतीति ॥
(ग) अपनी पाठ्य पुस्तक के ‘संस्कृत-खण्ड’ से कुण्ठस्थ किया हुआ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्न-पत्र में न आया हो। (2 x 1 = 2)
(घ) निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखिए (2+2=4)
(i)वाराणसी नगरी केषां सङ्गमस्थली अस्ति?
(ii )चन्द्रशेखरः स्वपितुः नाम किम् अकथयत् ?
(iii) दाराशिकोहः कस्यां भाषायाम् उपनिषदाम् अनुवादम् अकारयत् ?
(iv) पुरुराजः कः आसीत्?
(v) ग्रामीणान् कः उपाहसत् ?
25. निम्न विषयों में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए (9 x 1 = 9)
(i) स्वदेश-प्रेम
(ii) नारी शिक्षा का महत्त्व
(iii) वर्षा ऋतु
26. स्वपठित खण्डकाव्य के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी का एक खण्ड के प्रश्नों के उत्तर लिखिए (3 x 1 = 3)
(i) तूमूल खंडकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए
(ii) तुमुल खंडकाव्य के नायक की चारित्रिक विशेषताओं का निरूपण कीजिए
(ख) (i) ‘कर्मवीर भरत’ खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) ‘कर्मवीर भरत’ खण्डकाव्य के आधार पर भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ग) (i) ‘कर्ण’ खण्डकाव्य के नायक के चरित्र का चित्रण कीजिए।
(ii) ‘कर्ण’ खण्डकाव्य की कथा संक्षेप में लिखिए।
(घ) (i) ‘अग्रपूजा’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
(ii) ‘अग्रपूजा’ के प्रधान पात्र की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
(ङ) (i) ‘ज्योति-जवाहर’ खण्डकाव्य का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
(ii) ‘ज्योति जवाहर’ खण्डकाव्य के प्रधान पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(च) (i) ‘मातृभूमि के लिए’ खण्डकाव्य के प्रथम सर्ग की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) ‘मातृभूमि के लिए’ खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(छ) (i) ‘मेवाड़ मुकुट’ के नायक का चरित्र चित्रण कीजिए ।
(ii) ‘मेवाड़ मुकुट’ खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ज) (i) ‘जय सुभाष’ खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) ‘जय सुभाष’ खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए
(झ) (i) ‘मुक्ति दूत’ खण्डकाव्य के प्रमुख पात्र की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
(ii) ‘मुक्ति दूत’ खण्डकाव्य का कथासार प्रस्तुत कीजिए ।