जीवो में जनन प्रश्नोत्तर – कक्षा 12 जीव विज्ञान : Reproduction in Organisms Class 12 NCERT Solutions in Hindi : Up Board Class 12th Biology Chapter 1 Solution in Hindi

जीवो में जनन प्रश्नोत्तर – कक्षा 12 जीव विज्ञान : Reproduction in Organisms class 12 ncert solutions in hindi : Up Board Class 12th Biology Chapter 1 Solution in Hindi

जीवो में जनन प्रश्नोत्तर - कक्षा 12 जीव विज्ञान : reproduction in organisms class 12 ncert solutions in hindi : Up Board Class 12th Biology Chapter 1 Solution in Hindi

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प्रश्न. जीवों में जनन क्यों आवश्यक है ?

उत्तर : पीढ़ी-दर-पीढ़ी जाति की निरन्तरता को बनाए रखने के लिए जीवों में जनन आवश्यक है।

प्रश्न. जनन की कौन-सी विधि अच्छी है? और क्यों?

उत्तर : लैंगिक जनन, जनन की अच्छी विधि है क्योंकि इससे आनुवंशिक विविधता विकसित होती है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में विकास एवं जाति की उत्तरजीविता के लिए आवश्यक है।

प्रश्न. अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न सन्तति को क्लोन क्यों कहा जाता है?

उत्तर : क्योंकि अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न सन्तति आकारिकी व आनुवंशिकी के जनक के समान होती है, अतः इसे क्लोन (clone) कहते हैं।

प्रश्न. लैंगिक जनन के परिणामस्वरूप बने सन्तति जीवों में अच्छे अवसर मिलते हैं, क्यों? क्या यह कथन सदैव सही होता है?

उत्तर : लैंगिक जनन से बने जीवों में जीवित रहने के लिए अच्छे अवसर मिलते हैं क्योंकि इनका आनुवंशिक पदार्थ दो जनकों से आता है और इसमें विविधता मिलती है। यह जाति के जीवित रहने के लिए आवश्यक है।

प्रश्न. अलैंगिक जनन से बनी सन्तति लैंगिक जनन द्वारा बनी सन्तति से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर : अलैंगिक जनन से बनी सन्तति आनुवंशिक एवं आकारिक रूप से जनक के समान होती है, जबकि लैंगिक जनन द्वारा प्राप्त सन्तति में विविधता मिलती है।

प्रश्न. अलैंगिक एवं लैंगिक जनन के मध्य विभेद स्थापित कीजिए । कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक जनन क्यों माना गया है?

उत्तर : 

अलैंगिक जनन

लैंगिक जनन

यह जनन की तेज तथा सरल विधि हैं | यह जनन की धीमी तथा जटिल विधि हैं |
यह कायिक कोशिका में पाया जाता हैं | यह जनन कोशिका में पाया जाता हैं |
इसमें केवल एक ही प्राणी का योगदान होता हैं | इसमें डॉ प्राणियों का योगदान होता हैं |
इसमें युग्मक निर्माण व युग्मक संलयन क्रियाएं नहीं होती हैं | इसमें युग्मक निर्माण व युग्मक संलयन क्रियाएं होती हैं |
इसमें क्लोन पाया जाता हैं | इसमें क्लोन नहीं पाया जाता हैं |
प्रश्न. कायिक प्रवर्धन से क्या समझते हैं? कोई दो उपयुक्त उदाहरण दीजिए।

उत्तर : कायिक प्रवर्धन पौधों में पाए जाने वाले अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें शरीर की कायिक भाग की कोशिकाएं जनन कोशिकाएं की तरह कार्य करते हैं और सतत समसूत्री विभाजन द्वारा ने जीव का निर्माण करते हैं
उदाहरण: आलू, ब्रायोफिल्लमा

प्रश्न. व्याख्या करें :
(क) किशोर चरण
(ख) जनन प्रावस्था
(ग) जीर्ण अवस्था

उत्तर : (क) किशोर चरण (Juvenile phase) : जन्म से लेकर जनन अवस्था के बीच की अवस्था को किशोर अवस्था कहते हैं।

(ख) प्रजनक चरण (Reproductive phase) : पादपों में यह अवस्था पुष्पों के प्रकट होने के साथ प्रारम्भ होती है। जन्तुओं में किशोर अवस्था के अन्त से शुरू होकर जीर्ण अवस्था तक पहुँचने की अवस्था है।

(ग) जीर्णता चरण (Senescent phase) : यह जनन अवस्था के बाद की अवस्था है। इस अवस्था में शरीर में उपापचय क्रियाएँ मन्द होने लगती हैं और अन्त में जीव की मृत्यु हो जाती है।

प्रश्न. अपनी जटिलता के बावजूद बड़े जीवों ने लैंगिक जनन पाया जाता है, क्यों?

उत्तर : अधिकांश जीवों में लैंगिक जनन होता है। उन जीवों में भी जो अलैंगिक जनन करते हैं (शैवाल व कवक), प्रतिकूल परिस्थितियों के आने से पूर्व लैंगिक जनन करते हैं। लैंगिक जनन द्वारा ये जीव अपनी जाति की निरन्तरता बनाये रखते हैं। इससे जाति में विविधता भी उत्पन्न होती है।

प्रश्न. व्याख्या करके बताएँ कि अर्धसूत्री विभाजन तथा युग्मक जनन सदैव अन्तर्बद्ध होते हैं।

उत्तर : युग्मक जनन से दो प्रकार के युग्मक बनते हैं; नर एवं मादा। ये अगुणित होते हैं। अगुणित जनक समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मक उत्पन्न करता है। किन्तु अधिकांश जीवों में जनक जीव द्विगुणित होता है। अतः द्विगुणित जीव अर्धसूत्री विभाजन करके अगुणित युग्मक बनाते हैं। अर्धसूत्री विभाजन के अन्त में प्रत्येक युग्मक में गुणसूत्रों का केवल एक सैट उपस्थित रहता है।

प्रश्न. निम्नलिखित में बताएँ कि कौन अगुणित है और कौन द्विगुणित :
(क) अण्डाशय
(ख) परागकोश
(ग) अण्डा
(घ) पराग
(च) नर-युग्मक
(छ) युग्मनज ।

उत्तर :

(क) अण्डाशय द्विगुणित
(ख) परागकोश द्विगुणित
(ग) अण्डा अगुणित
(घ) पराग अगुणित
(च) नर युग्मक अगुणित
(छ) युग्मनज द्विगुणित
प्रश्न. बाह्य निषेचन क्या होता है? इसकी नुकसान बताएं?

उत्तर : जब अण्डे व शुक्राणु का शरीर के बाहर निषेचन होता है, तब इसे बाह्य निषेचन कहते हैं। इसकी सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें अण्डाणु का निषेचन निश्चित नहीं होता जिसके कारण संख्या में शुक्राणु बनते हैं।

प्रश्न. जूस्पोर तथा युग्मनज के बीच विभेद कीजिए ।

उत्तर – 

जूस्पोर
युग्मनज
यह अलैंगिक जनन से सम्बंधित हैं | यह लैंगिक जनन से सम्बंधित हैं |
यह एक कशाभयुक्त संरचना है। इसमें कशाभ नहीं पाए जाते हैं।
यह प्राय: निम्न जीवों में अलैंगिक जनन में सहायक होता है। यह प्राय: उच्च जीवों में लैंगिक जनन के फलस्वरूप बनता हैं |
प्रश्न. युग्मक जनन एवं भ्रूणोद्भव में अन्तर स्पस्ट कीजिए।

उत्तर : 

युग्मक जनन
भ्रूणोद्भव
यह युग्मकों के निर्माण की क्रिया है। यह भ्रूण के विकास से नवीन व्यष्टि के उत्पन्न होने की प्रक्रिया है।
यह पूर्व निषेचन क्रिया है। यह निषेचनोपरान्त क्रिया है।
इसमें अगुणित युग्मक बनते हैं यह निषेचनोपरान्त क्रिया है।
यह जीव के लैंगिक अंगों में होता है। यह क्रिया प्रायः मादा के शरीर के भीतर होती है।
इस क्रिया के समय अर्द्धसूत्री विभाजन होता है भ्रूणोद्भव के समय विदलन (Cleavage) होता है।
प्रश्न. एक पुष्प में निषेचन पश्च परिवर्तनों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर : निषेचन के बाद, अण्डाशय से फल और बीजाण्डों से बीज बनते हैं। बीजाण्ड में भ्रूणपोष तथा भ्रूण के विकास के साथ-साथ अध्यावरण सूखकर सख्त हो जाते हैं और बीज कवच बनाते हैं। बीजाण्डकाय (Nucellus) समाप्त हो जाता है, लेकिन कुछ बीजों में यह एक पतली पर्त के रूप शेष बचा रहता है, जिसे हम पेरीभ्रूणपोष (Perisperm) कहते हैं।
बाह्यदल – प्रायः ये मुरझाकर गिर जाते हैं परन्तु कई पादपों में चिरलग्न होते हैं, उदाहरण- टमाटर, बैंगन, आदि में। दल, पुंकेसर, वर्तिकाग्र एवं वर्तिका मुरझाकर गिर जाते हैं।
भ्रूणकोष में – 

  1. अण्डकोशिका में भ्रूण बनाती हैं।
  2. सहायक कोशिकाएँ में नष्ट जातीहैं।
  3. प्रतिमुखी कोशिकाएँ में नष्ट हो जाती है।
  4. द्वितीयक केन्द्रक में भ्रूणकोष बनाता हैं, जो भ्रूण के परिवर्धन के समय भ्रूण के पोषण के काम आता है।
प्रश्न. एक द्विलिंगी पुष्प क्या है? अपने आस-पास के 5 द्विलिंगी पुष्पों को एकत्रित करें तथा शिक्षक की सहायता से इनके स्थानीय व वैज्ञानिक नाम पता करें ।

उत्तर : द्विलिंगी पुष्पों में पुमंग व जायांग दोनों एक ही पुष्प में मिलते हैं जैसे- सरसों, मटर, गुड़हल

प्रश्न. किसी कुकुरबिट पादप के पुष्पों का निरीक्षण करें तथा पुकेसरीव स्त्रीकेसरी पुष्पों को पहचानने की कोशिश करें? क्या आप एकलिंगी पुष्पों के नाम जानते हैं?

उत्तर : पुंकेसरी पुष्पों में केवल पुंकेसर होते हैं तथा स्त्रीकेसर नहीं होते। ये फल नहीं बनाते। स्त्रीकेसरी पुष्पों में केवल स्त्रीकेसर होते हैं किन्तु पुंकेसर नहीं होते। ये निषेचन के बाद फल बनाते हैं।

प्रश्न. अण्डप्रजक प्राणियों की संतानों का उत्तर जीवन (सरवाइवल) सजीव प्रजक प्राणियों की तुलना में अधिक जोखिमयुक्त क्यों होता है? व्याख्या कीजिए।

उत्तर : अण्डप्रजक प्राणि अपने अण्डे सुरक्षित स्थान पर देते हैं क्योंकि उनकी सन्तति को खुले में सदा शिकारियों का खतरा रहता हैं |

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